मैडम ने लेस्बियन बनाया

मैं क्लास में फर्स्ट आती थी इसलिए सभी टीचर्स की दुलारी थी पर सीमा मैडम मेरे ज्यादा करीब थी. पर उस दिन ऐसा कुछ हुआ की वो मेरे बहुत ही करीब आ गयी.. एक रोमांचक madam ne lesbian banaya teacher lesbian story पढ़िए..

मैं एक मिड्ल क्लास फेमिली से हूँ मेरे पिताजी एक सरकारी दफ्तर में काम करते है हर तीन या पाँच साल में उनका ट्रान्सफर होता रहता है.जिसके कारण मेरी पढ़ाई में दिक्कत होती रहती मुझे भी अपनी स्कूल बार बार चेंज करनी पडती है हर बार चेंज होने के कारण एक ही कक्षा में 2-2 साल हो जाता था इसलिये जब में 10 वी क्लास में पहुँची तो मेरी उम्र दूसरे बच्चो से ज़्यादा थी मतलब 4 साल बड़ी थी.

उस वक़्त मेरी उमर 22 साल थी में हमेशा फर्स्ट आती थी और शारीरिक रूप से भी में कुछ ज़्यादा ही बड़ी लगती थी क्लास में सबसे बड़ी होने के कारण मुझे क्लास मॉनिटर के पद पर नियुक्त किया गया सभी क्लास टीचर्स मुझसे खुश थे में सबकी दुलारी थी में दिखने में बहुत ही फेयर थी अभी भी और मेरे काले घने बाल तब भी थे अभी भी है लेकिन मेरी हाइट और वेट उस वक़्त ( हाइट 5’2 वेट 40 किलोग्राम) आम लड़की से ज़्यादा बड़े लगते मेरे बूब्स तब एक टेनिस बॉल जितने थे. madam ne lesbian banaya

स्कूल यूनिफॉर्म (वाइट शर्ट और ब्लू स्कर्ट, वाइट सॉक्स ब्लेक शूज,गले में टाई भी रहती) मिड्ल क्लास फेमिली से होने के कारण ज़्यादा अफोर्ड नही कर सकते थे में ब्रा के बदले एक छोटा सा एप्रन जैसा अंदर पहनती थी जो गले में और कमर में बँधा रहता पेंटी की जगह शॉर्ट्स पहनती थी लेकिन पसीना आने से अंदर एप्रन गीला हो जाता तो निपल शर्ट पर हल्के से दिखाई पडते.

एक दिन गर्मियों का मौसम था एप्रन पसीने से भीग गयी थी और निपल कुछ ज़्यादा ही दिखाई दे रहे थे स्कूल में ज़्यादातर टीचर्स फीमेल होने के कारण परेशानी नही थी टीचर में सीमा मेडम मेरी सबसे बेस्ट टीचर थी उन्होने मुझे देखकर कहा गुड़िया यहा आओ में चुपचाप उनके पास गयी और विश किया उन्होने कहा गुड़िया तुम अंदर कुछ पहनती नही हो क्या देखो तुम्हारे निपल कैसे दिख रहे है मेने कहा मेडम क्या करू पसीने के कारण ऐसा हो रहा है. madam ne lesbian banaya

उन्होने कहा आज शाम मेरे घर आना कुछ काम है मेने यस मेडम कहा और वहा से चली गयी सीमा मेडम उम्र 30 साल स्कूल में सबसे सुंदर एक अप्सरा जैसी लगती थी गोल चेहरा स्मूद शाइनी स्किन, लचकदार कमर, सुराही जैसी गर्दन, हिरणी जेसी आँखें काजल लगाया हुआ, काले लंबे बाल बूब्स 34 एकदम गोल जैसे साचे में ढाला हुआ ब्लाउज एकदम फिट साड़ी में स्वर्ग की अप्सरा में सोचती बड़ी होकर उनके जैसी बनूँगी सुंदर सुशील चंचल स्वभाव मेरी आइडल थी.

वो आज शाम उनके घर जाना था जैसे ही स्कूल के छूटने की बेल बजी में झट से बाहर निकलकर सीमा मेडम के घर चलने लगी 5 ही मिनिट में उनके घर पहुँच गयी बेल बजाया मेडम मुझे देखकर खुश हो गयी आओ गुड़िया बैठो में सोफे पर बैठ गयी मेडम मेरे सामने बेठ गई और अभी भी मेरे निपल शर्ट से दिख रहे थे. madam ne lesbian banaya

मेडम मेरे पास आई और मुझे खड़े होने को कहा और में खड़ी हो गयी मेडम ने मेरे गालो पर हाथ फेरा और प्यार से कहा गुड़िया तुम सुंदर हो लेकिन अपने शरीर को संभालो दूसरो की नज़रों से शर्ट के ऊपर से मेरे निपल टच करते हुये कहने लगी देख तेरे निपल कितने साफ दिख रहे है. दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है ।

उनके हाथ लगते ही मेरे शरीर में जैसे बिज़ली सी दोड़ गयी और मेरे निपल काँटे जैसे नुकिले हो गये पहली बार किसी ने मेरे निपल को स्पर्श किया में सिहर गई मेडम ने कहा क्या हुआ गुड़िया मेंने कहा कुछ नही मेडम ने हल्के से स्माइल करते हुये कहा यहा आओ और बेडरूम की तरफ ले गयी और पूछा गुड़िया तुम्हारे बूब्स का साइज़ क्या है मेने कहा मेडम पता नही उन्होने कहा शर्ट खोलो मेने मना किया तो कहा अरे में तुम्हारी मेडम हूँ मुझसे क्यों शरमाती हो में तो सिर्फ़ साइज़ देखूँगी और अगर मेरे पास कोई ब्रा हो तो दे दूँगी. madam ne lesbian banaya

मेडम ने धीर से मेरा शर्ट उतारा और एप्रन जैसा कपड़ा हटाया मेरे नुकीले निपल देखकर छोटी सी स्माइल की और मेरे बूब्स को अपने हाथो से नापने लगी मुझे ऐसे लगा जैसे मेरे बूब्स बढ़ रहे है मेडम ने थोड़ी देर देखकर अपनी अलमारी खोलकर एक ब्रा दी पर वो फिट नही आई.

फिर दूसरी दी वो भी फिट नही आई तब उन्होंने कहा की कल मेरे साथ चल के शॉप से खरीद दूँगी ओके मेने कहा मेरे पास पैसे नही है तो उन्होने कहा कोई बात नही कल से रोज़ मेरे घर आना और मेरे छोटे छोटे काम कर दो बस में ला दूँगी तुम्हे ब्रा और पेंटी अरे हाँ पेंटी पहनती हो की नही? मेंने सिर हिलाकर नही कहा तो मेरा स्कर्ट उठाकर देखा अरे शॉर्ट्स पहना है पेंटी नही कोई बात नही कल लायेगें ठीक है. madam ne lesbian banaya

दूसरे दिन स्कूल ख़त्म होते ही मेडम मुझे साथ ले गयी और एक शॉप से मेरे लिये 2-2 पेंटी और ब्रा खरीद लिये और घर से पर्मिशन लेकर में सीमा मेडम के वहा चली गयी मेडम फ्रेश होकर एक पिंक गाउन पहनकर आई और कहा मेरे पास बैठो में बैठ गयी फिर उन्होने कहा मेरी मसाज करनी है तुम्हे रोज़ मेरा मन खिल गया.

आज एक अप्सरा की मसाज करनी है सोचकर मेडम ने गाउन खोल दिया में अंदर वाइट ब्रा और पेंटी को देखती ही रह गई इतना सुंदर जिस्म था ब्रा में से उनके गोल चिकने बूब्स एकदम कड़क और गोल थे मेरी आँखे वही रुक गयी मेडम ने कहा गुड़िया क्या देख रही हो तुम चाहो तो ब्रा भी निकाल दो.

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मेने हाँ में सिर हिलाया और मेडम ने ब्रा भी खोल दी सुंदर पर्फेक्ट गोल गोल बूब्स और पिंक निपल देख कर मेरा मन किया की वही झुक कर चूसने लगू पर अपने उपर काबू पाकर मेने हाथ में थोड सा क्रीम लिया और मेडम के गले से लेकर उनके बूब्स के टॉप तक लगाया और धीरे से हाथ फेरते हुये मालिश करने लगी.

मेडम ने अपनी आँखें बंद कर ली मेरे हाथ घूमते रहे उनके गले में और बूब्स के उपर तक ही जब मुझे ऐसा लगा की मेडम सो रही है तो धीरे से हाथ बूब्स के उपर फेरने लगी और धीरे धीरे हाथ पूरे बूब्स पर फेरने लगी और मुझे पता ही नही चला की में कब निपल को चूसने लगी. madam ne lesbian banaya

मेडम ने भी कुछ नही कहा में मधहोश होकर प्यार से चूसने लगी बूब्स धीरे धीरे और कड़क हो गये में मसलती रही चूसती रही और फिर मेडम का हाथ मेरे बालो में था उनके हाथ का दबाव मेरे सिर पर था अब में खुलकर चूसने चूमने लगी मेडम का हाथ मुझे नीचे धकेलने लगा में भी चूमते हुये धीरे धीरे पेट पर नाभि के पास कमर पर और अचानक मेरे सामने मेडम की पेंटी आ गई.

में एकदम सिहर गयी मेडम की पेंटी गीली लग रही थी और एक अजीब सी खुसबू आने लगी और दूसरी ही बार मेने पेंटी पर मेडम के उस प्राइवेट हिस्से को चूम लिया जिसे इंग्लीश में पुसी कहते है और हिन्दी में शायद चूत कहते है मेडम के हाथ का दबाव अब और बड गया. madam ne lesbian banaya

उनके गीलेपन का स्वाद ज़ुबान पर मधहोश करने लगा मेंने धीरे से पेंटी नीचे खिसकाई और में देखती ही रह गई इतने सुंदर फूले हुये होंठ जैसे गुलाब की पंखुड़ी हो और उनके बीच से झाकता हुआ एक काले जैसा गीला चिपचिपा सा पानी मेरी ज़ुबान निकली और टेस्ट किया मीठा सा स्वाद आया. दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

मेंने और एक बार ज़ुबान से टेस्ट किया और फिर करती चली गयी ज़ुबान अपने आप ही जैसे चलने लगी मेडम की टाँगे फैल गयी और मेरे सिर पर मेडम का दबाव बड गया में अपना पूरा मुँह मेडम की चूत से चिपका के चूसने लगी थोड़ी देर चूसने के बाद मेडम ने अपने पैरो से मेरे सिर को दबोच लिया और सिसकाते हुये कराहते हुये गर्म सा जूस चूत से निकलने लगा.

में एक प्यासे इंसान की तरह पीती चली गयी मेडम की टाँगे कुछ ढीली हुई तब साँस लेने का मौका मिला मेरे होंठ मेरी नाक मेडम के जूस से चिपचिपे हो गये थे में फिर से एक बार झुककर मेडम की चूत को चूमने लगी मेडम ने मुझे अपने उपर खीच लिया और प्यार से मेरे लिप्स को चूम लिया और कहा गुड़िया तुम मेरी बेस्ट फ्रेंड हो आज से और मुझे चूमने लगी में मेडम की बाहों में लेटी रही. madam ne lesbian banaya

थोड़ी देर बाद मेडम ने कहा आज रात यही रुक जाओ गुड़िया में तुम्हारे घर पर फोन करके बता दूँगी ओके मेडम ने घर पर फोन करके इजाजत ले ली बाहर से खाना मँगवाया और खाने के बाद सोने के लिये मेडम बेडरूम में ले गयी और वहा पर मेरे कपड़े उतार दिये और खुद भी एक जन्मजात नंगे हो गये.

मुझे पास बुलाकर मुझे चूमा और मेरे टेनिस बॉल जैसे बूब्स के साथ खेलने लगी मेरे निपल कड़क नुकीले हो गये थे मेडम मेरे निपल को मुँह में लेकर चूसने लगी और एक हाथ को मेरी चूत पर फेरने लगी मेने कितनी ही रातें अपने हाथो से अपनी चूत पर फेरी होगी पर आज पहली बार मेडम के हाथ मेरी चूत पर फेरने लगी और में गीली होती गयी यहा तक की मेरी चूत से पानी बहने लगा और अचानक मेडम मेरी चूत को चाटने लगी. madam ne lesbian banaya

अब मेडम घूम गयी थी उनकी टाँगे मेरे मुँह के पास थी मेंने किस किया तो मेडम ने मेरे मुँह पर अपनी चूत रख दी अब में मेडम की चूत चाट रही थी और मेडम मेरी और फिर हम एक दूसरे का रस पी रहे थे और पीते रहे और कुछ ही देर बाद मेरे पैर अकड़ गये और में छटपटाने लगी मेडम के मुँह का दबाव और बड गया.

मेरा शरीर एकदम अकड़ गया और एक लंबी सिसकारी लेते हुये मेरा पानी छूटने लगा और मेडम का चेहरा भीग गया मेरे चूत के रस से मेरी चूत से पहली बार इतना रस निकला था और निकलता जा रहा था मेडम खुश होते हुये चाट रही थी मेरा छटपटाना बन्द हो गया अब में थोड़ी शान्त हो गयी. मेडम मेरे पास आई मुझे बाहों में भर लिया और प्यार से गालो को चूमने लगी और में भी चूमने लगी. madam ne lesbian banaya

मेरे मुँह से अचानक निकल ही गया की मेडम आप मुझे बहुत अच्छे लगते हो और मेडम ने कहा गुड़िया तुम भी मुझे अच्छी लगती हो आज के बाद तुमको जो चाहिये मुझसे कहना में ला दूंगी ओके में खुश होकर उनकी बाहों में समा गयी और रात बडती गयी और एक बार फिर से हमारा खेल शुरू हुआ.

———-समाप्त———-

यह खेल ऐसे ही चलता रहा कभी कभी जब स्कूल में वक़्त मिलता तो वही पर किसी क्लासरूम में दरवाज़ा बन्द करके मेडम मेरा रस पीती और में मेडम का एक दिन में टेबल पर अपनी टाँगे फैलाकर बैठती थी और मेडम मेरी स्कर्ट के अंदर मेरी चूत चाटती थी.. तो कैसी लगी ये teacher lesbian story आप लोगों को?

इसके बाद तो बस मैं हर तरह से सेक्स का मजा लेने लगी। तो दोस्तों, ये Hindi sex stories यहीं ख़त्म होती है..

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