बहन चुद गयी धोखे से

मैं नीरज.. फिलहाल लुधियाना में पढ़ने के लिए रह रहा हूँ.. मेरी उमर 23 साल है और मैं एम.एससी. के पहले वर्ष में हूँ.. मेरी एक छोटी बहन है उसकी उम्र 21 साल है और उसकी शादी हो चुकी है .. मैं बहुत ही चंचल और हँसमुख लड़का हूँ। जब कोई लड़की देख लेता है.. तो उसे चोदने की कल्पना खुद करके गीला तो तुरंत हो जाता है.. यह जो sexy story है.. यह मेरे और मेरी बहन के बीच की है.. उससे अचानक से बने शारीरिक सम्बन्ध के बारे में है। पर उस अचानक हुए धोखे को मैं हमेशा याद रखता हूँ। इस bahan chud gayi home sex story को पढ़िए और मज़े लीजिये..

मेरी बहन का नाम श्रेया है.. । मेरी बहन बला की खूबसूरत हैं, वो ना बहुत पतली हैं.. ना मोटी.. बस यूँ समझ लीजिए कि स्लिम से थोड़ी ज्यादा हैं। श्रेया पुरानी हिरोइन करिश्मा कपूर के जैसी दिखती हैं.. मुझे पूरा अंदाज़ा तो नहीं है लेकिन उसके मुम्में करीब 34 इन्च की होंगे.. चूतड़ 36 इन्च के सुडौल और एकदम उठे हुए है.. और भरा हुआ शरीर है.. जब वो चलती है.. तो उसके कूल्हे गजब मटकते हैं।

उसे देख कर लगता है कि लंड पैन्ट के अन्दर खुद ही आत्महत्या कर लेगा और पानी छोड़ देगा।
जब वो नाईटी में होती है.. तो उसकी छोटी सी ब्रा में क़ैद मुम्में आज़ाद होने की तड़फ में हल्के हल्के मचलते और हिलते रहते हैं और कभी-कभी तो बिना ब्रा के पूरी मस्ती में हिलते हैं..
मैंने अक्सर देखा है कि जब वो पोंछा आदि लगाती है या किसी दिन बिना ब्रा के होती हैं तो बार-बार नाईटी ठीक करके अपनी मुम्में एड्जस्ट करती रहती है।

अब मैं मुख्य घटना पर आता हूँ.. चूंकि मेरी बहन भी लुधियाना में ही रहती हैं.. उसकी फैमिली में 3 लोग हैं.. जीजा जी और उसकी एक जवान बहन पूनम है.. जो बारहवीं में पढ़ रही है।
जीजा जी कंस्ट्रक्शन कम्पनी में हैं। वो लगभग 25 साल के हैं। वो काम पर 9 बजे निकल जाते हैं और रात को वापिस आने का कोई समय निश्चित नहीं होता है।

किसी भी हाल में रात 8 बजे के बाद और दस बजे तक ही घर वापिस आते हैं।
इसलिए पूनम को एक्जाम दिलाने का काम मुझे दिया गया। ऐसे भी होली या किसी त्यौहार में मैं श्रेया के यहाँ ही एक दो दिनों के लिए चला जाता था। लेकिन इस बार पूनम के एक्जाम और होली के कारण मैं दस दिन पहले ही बहन के यहाँ चला गया।

मैं पूनम को एक्जाम दिलाने ले जाता.. और उसे छोड़कर घर आ जाता और फिर शाम 4 बजे उसे घर वापस ले आता।
सब कुछ ऐसा ही चल रहा था..bahan chud gayi home sex story
वैसे तो मैं बहुत ब्लू-फिल्म देखता था लेकिन इन सबके बारे में ना सोचता था.. और ना ही मेरे मन में कभी श्रेया या पूनम के बारे में ग़लत ख्याल आते थे.. लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

इसी बीच होली आ गई और सबने दिन और रात में खूब होली खेली.. जिसके कारण हम सब थके थे और रात दस बजे सब सोने चले गए। श्रेया के यहाँ 2 कमरे हैं.. जिसमें एक में पूनम अकेली सोती थी.. क्योंकि वो एक्जाम के कारण रात में देर तक पढ़ती थी और दूसरे कमरे में नीचे जीजा संजय और श्रेया और बिस्तर पर मैं अकेला सोता था।
होली के दिन हल्की गर्मी और ठंड दोनों थी..। सब सोने चले गए.. मैं बिस्तर पर लेट गया.. संजय नीचे सो गया.. पूनम भी सो चुकी थी.. क्योंकि अगले दिन उसका आखिरी एक्जाम था।

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श्रेया इस वक्त भी रसोई में कुछ काम कर रही थी.. तभी संजय उठ कर बाथरूम गया और आकर बिस्तर पर लेट गया और मुझसे बोल- नीरज आज तुम नीचे सो जाओ.. क्योंकि मेरा शरीर बहुत दर्द कर रहा है.. इसलिए नीचे सोने का मन नहीं कर रहा है..
तो मैं बिस्तर से नीचे चला गया। उस वक्त कमरे की सारी लाइट ऑफ थीं.. बिस्तर पर जाते ही संजय थकान के कारण और होली में एक-दो पैग का असर होने के कारण तुरंत ही गहरी नींद में सो गया और मैं नीचे सो गया। bahan chud gayi home sex story

मुझे लगा कि श्रेया ऊपर जीजा के साथ सोएंगी.. लेकिन श्रेया काम खत्म करके सारी लाइट ऑफ करके बाथरूम गईं और सूट खोल कर नहा कर नाईटी पहन कर कमरे में आईं और रोज़ की तरह नीचे ही सो गईं।
मुझे थोड़ी नींद आ चुकी थी.. उसे नहीं पता था कि संजय ऊपर सोया है और मैं भी चादर ओढ़ कर सोया हुआ था। तभी श्रेया ने अपना एक पैर मेरे ऊपर रख दिया.. तब मेरी नींद टूट गई.. लेकिन मैं कुछ बोल ना सका और लेटा रहा।

फिर वो मेरे से सट कर सोने लगी.. उसकी मुम्में मेरी पीठ में टच हो रही थीं.. और मुझे लग रहा था कि उसने ब्रा नहीं पहनी है। मुझे उसके चिपकने से बहुत नरम और मुलायम सा महसूस हो रहा था और मुम्में भी ज्यादा ही हिल रहे थे]।
वो सोने लगी.. उसका पैर मेरे ऊपर था.. तो मुझे लगा कि उसके पैर पर नाईटी नहीं है.. तब मुझे ब्लू-फिल्म के सीन याद आने लगे और मेरा लंड खड़ा होने लगा।

तभी उसने दूसरी ओर करवट ली और सोने लगीं.. लेकिन इतनी देर में उसने मेरा नींद को उड़ा दिया था.. वो भी पूरी थकी हुई थी और उसे भी नींद आने लगी..
कुछ देर बाद मैं उसकी ओर घूम गया और मेरा लंड उसकी गाण्ड में टच करने लगा। वो तो समझ रही थीं कि उसके साथ संजय है।

यह सोचकर वो मेरी ओर को और अधिक खिसक आई और तब मेरा लंड बहन की गाण्ड में और भी अच्छे से एड्जस्ट हो गया। अब मैं धीरे-धीरे हिलने लगा.. और करीब 5 मिनट के बाद वो धीरे से बोलीं- कल कर लेना जी.. आज बहुत नींद आ रही है..

लेकिन मैं तो कुछ बोल नहीं सकता था इसलिए चुप रहकर लण्ड हिलाता रहा।
इसके बाद मैं भी गरम होने लगा और मेरे मन ने भी कुछ करने का इरादा कर लिया.. लेकिन फिर मैंने सोचा कि ऐसा क्या करूँ कि उसे पता भी ना चले.. और मैं बहन के साथ चुदाई भी कर लूँ। bahan chud gayi home sex story
तब मैं उल्टा होकर सो गया और फिर मैंने सीधे ही उसकी नाईटी ऊपर को कर दी और पेट पर चढ़ा दी.. और बहन की चूत पर हाथ फेरने लगा.. क्योंकि मुझे पता था कि वो सोचेंगी कि ये सब तो संजय कर रहा है।

तभी वो फिर से बोलीं- कल कर लेना यार.. अभी नींद आ रही है।
लेकिन मैंने अपना हाथ उसकी चूत पर उगे झांट के बालों पर चलाने लगा.. तो वो बोलीं- ठीक है.. आज ऊपर से ही कर लो.. मैं सो रही हूँ।

तब मैंने उसे सीधा लिटा दिया और उसके पैर फैला दिए और अपनी एक उंगली बहन की चूत में घुसा दी और आगे-पीछे करने लगा। करीब दस मिनट के बाद वो भी गीली होने लगी.. लेकिन उसे बहुत नींद आ रही थी और
तब मैंने उसे सीधा लिटा दिया और उसके पैर फैला दिए और अपनी एक उंगली उसकी चूत में घुसा दी और आगे-पीछे करने लगा। करीब दस मिनट के बाद वो भी गीली होने लगी.. लेकिन उसे बहुत नींद आ रही थी और इसी कारण से वो साथ नहीं दे रही थीं।

तब मैंने चूत को चाटने का सोचा और दोनों हाथों से चूत फैला कर उसमें अपनी जीभ लगा कर चाटने लगा।
ये जैसे ही उसे समझ में आया.. वो धीरे से बोलीं- आज ये तुम्हें क्या हो गया है.. अभी तक नशा उतरा नहीं है क्या.. तुम अचानक मेरी चूत क्यों चाट रहे हो… इसे भी कोई चाटता है क्या भला?
शायद संजय ने कभी चूत नहीं चाटी थी.. और ना ही श्रेया ने लंड चूसा था.. लेकिन मैं चुपचाप उसकी चूत चाटे जा रहा था। थोड़ी देर में उसे भी मज़ा आने लगा और वो आधी नींद में मज़ा लेने लगी.. लेकिन अभी भी वो पूरी तरह से सेक्स के लिए तैयार नहीं थी।

लेकिन मैं पूरी तरह से बहन की पहली चुदाई के लिए तैयार हो चुका था। करीब पन्द्रह मिनट के बाद मेरा लंड पैन्ट में अकड़ रहा था और मैंने सोचा कि वो जाग जाए इससे पहले उसे चोद कर ऊपर जाकर सो जाऊँगा.. इस कारण से मैंने अब देरी ना करते हुए अपना पैन्ट खोल कर नंगा हो गया.. उसकी चूत तो गीली थी ही… मैं उठा और चूत पर लंड रख कर मैंने एक धक्का लगा दिया.. जिससे मेरा लंड उसकी चूत में दो इंच अन्दर चला गया। bahan chud gayi home sex story

वो धीरे-धीरे ‘आआआ.. आआअहह..’ करने लगी.. क्योंकि उसे लग रहा था कि मैं ऊपर बिस्तर पर सोया हुआ हूँ.. और तेज आवाज से मैं जग सकता हूँ।
चूंकि वो शादीशुदा थी और चूत पूरी तरह से गीली थी इसलिए ना मुझे और ना उसे ज्यादा परेशानी हो रही थी.. लेकिन बहन की चूत में मेरा लवड़ा घुसते ही उसने फुसफुसा कर कहा- आज तुम्हें क्या हो गया है.. तुम्हारा लंड भी आज ज्यादा लंबा और मोटा लग रहा है।

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लेकिन मैं चुपचाप उसे चोदने में लगा था.. मेरा लंड तो तैयार बहुत देर से था।
चूंकि यह मेरा पहली बार था.. इसलिए मैं 5 मिनट में ही उसकी चूत में ही झड़ गया.. वैसे वो मुझसे पहले ही झड़ गई थीं.. क्योंकि मैंने बहुत देर उसकी चूत में उंगली की थी.. इसलिए.. वरना शायद वो इतनी जल्दी नहीं झड़तीं।
झड़ जाने के बाद मैं उसके बगल में सो गया और वो बाथरूम जाने के लिए उठी.. तब संजय नींद में ही बोला- श्रेया एक गिलास पानी देना..

तो वो चौंक गई कि ये आवाज़ तो ऊपर बिस्तर से आ रही है.. वे कुछ नहीं बोलीं और जाकर एक गिलास पानी लेकर आईं.. तब तक मैंने अपना पैन्ट पहन लिया था और नीचे ही सोया हुआ था।
तभी उसने अचानक लाइट ऑन कर दी और मुझे नीचे देखा और संजय को ऊपर.. तो उसके होश ही उड़ गए।
मैंने अपनी आँखें बंद कर ली थीं।

फिर उसने संजय को पानी दिया और लाइट ऑफ करके ऊपर ही लेट गईं।
अब तक संजय की नींद कुछ पूरी हो गई थी.. इसलिए वे पानी पीने के बाद बहन को बिस्तर पर चोदने लगा।
ऐसा मुझे उसकी ‘आहें’ सुनकर लगा।
श्रेया बोलीं- कल चोद लेना.. अभी नीरज नीचे सोया है।
तो संजय कहा- वो थक कर सोया हुआ है.. उसे पता भी नहीं चलेगा.. बस तुम चीखना मत..

संजय धक्के पर धक्का देने लगे और श्रेया की ‘आ से आहा..’ तक की चीख निकलती रही और संजय ने अपना पानी गिरा कर ही दम लिया..
ऐसा मुझे लगा..
फिर मैं सो गया.. सुबह मुझे पूनम को लेकर 8 बजे जाना था.. तो मैं सुबह उठा और पूनम को एक्जाम सेंटर छोड़ने चला गया।
रात की घटना के बाद.. सुबह मैं श्रेया से नज़रें नहीं मिला पा रहा था।

जब मैं पूनम को एक्जाम सेंटर छोड़ कर घर आया.. तो 9.30 बज चुके थे.. श्रेया ने दरवाजा खोला और खोल कर रसोई में काम करने चली गई।
मैं उससे नज़रें नहीं मिला पा रहा था। मैं कमरे में जाकर लेट गया… तभी वो चाय लेकर आई और रख कर चली गई।
मैंने चाय पी ली और कप रखने रसोई में चला गया.. फिर मैंने हिम्मत करके कहा- श्रेया तुम मुझसे बात क्यों नहीं कर रही हो? bahan chud gayi home sex story

जब वो कुछ नहीं बोलीं.. तो मैंने फिर कहा- रात में जो भी हुआ.. वो ग़लती से हो गया.. तूने मेरे ऊपर जब पैर रखा और तेरी ब्रेस्ट.. मेरी पीठ से सटीं.. तो मेरे अन्दर उफान उठ गया.. मेरी समझ में ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ।
तो वो बोलीं- मुझे तो पता ही नहीं था कि वहाँ तुम सोए हुए हो.. लेकिन तुम्हें तो पता था.. और अगर तुम चाहते तो ये ग़लती हमसे नहीं होती..

तो मैंने कहा- हाँ.. मुझसे ग़लती हो गई.. लेकिन मैं क्या करता.. मुझे हर समय सेक्स करने का मन करता रहता है.. और ऐसे में मैं अपने आपको रोक नहीं पाया.. इसलिए प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो ना.. श्रेया..
तो उसने कुछ नहीं कहा और काम करती रही।

मैं बार-बार ‘सॉरी’ बोलता रहा.. तो दस मिनट के बाद उसने मुझसे कहा- जो हुआ सो हुआ.. लेकिन अब इस बात का पता किसी को नहीं चलना चाहिए..
तो मैंने वादा किया.. तब उसने कहा- ओके बाबा.. चलो माफ़ किया..
इतना सुनते ही मैं झट से उसके गले से लग गया और उसके गाल पर चुम्बन करते हुए कहा- थैंक्स श्रेया..
तो वो मेरी इस हरकत पर मुझे देखती ही रह गई और कुछ नहीं बोलीं।

फिर वो रोटी बनाने लगीं और मैं वहीं खड़ा रहा।
फिर हमारे बीच बातचीत होने लगी.. तो कुछ देर बाद मैंने कहा- श्रेया कल रात के बाद मुझे बड़ा आराम मिला और सुकून भी.. मुझे लग रहा था कि मैं स्वर्ग में पहुँच गया होऊँ.. श्रेया एक बात बोलूँ?
तो वो बोली- क्या?
मैंने कहा- क्या एक बार हम रात वाला काम फिर से कर सकते हैं?

तो श्रेया मेरी ओर घूम कर गुस्से में बोलीं- तुम्हारा दिमाग़ तो खराब नहीं हो गया है..

मैने हिम्मत जुटा कर उसे बाहों मे भर लिया वो कुछ कहती उसके पहले ही मैने उसके होठो पर अपने होंठ रख कर चूसने लगा वो अपने आप को छुड़ाने का नाटक कर रही थी पर मैने उसे कस कर पकड़ रखा था मेरे दोनो हाथ उसकी कमर से होते हुये उसके भारी चूतडो पर जम गये थे वो अपने आप को छुड़ाने का नाटक करते हुये बोली रात को इतना सब किया तब भी जी नही भरा मैने कहा उससे तो और प्यास बड़ गई है अब मैं अपने एक हाथ से उसके मुम्में दबाने लगा और दूसरे से नितंभो को दबाने लगा उसने मेरा हाथ पकड़ लिया। bahan chud gayi home sex story

मेरा लंड अब ज़्यादा तन चुका था और श्रेया को चोदने को बेकरार था वो छुड़ा कर जाने लगी अब मैने उसे पीछे से पकड़ लिया और अपना तना हुआ लंड उसकी गांड पर गड़ा दिया इस समय हम दोनो ने कपड़े पहन रखे थे पर मेरे खड़े लंड का अहसास उसकी मतवाली गांड को हो गया था और अब दोनो हाथो को आगे लाकर उसके दोनो बड़े-बड़े मुम्में दबाने लगा क्या मुम्में थे उसके एकदम टाइट टाइट मेरे हाथो मे समा नही रहे थे। मैं जैसे कुत्ता कुतिया के उपर चढ़ कर धक्के लगाता है वैसे ही श्रेया को घस्से मारने लगा।

तभी उसने मुझे ज़ोर से 2-3 झापड़ मार दिए।
अगले ही पल मैंने उसकी मुम्मों से हाथ हटा लिए.. लेकिन मेरे इस दूध दबाऊ हमले से वो सहम भी गईं.. और शायद उसे मज़ा भी आया था।
मैं फिर भी वहीं खड़ा रहा और वो गुस्सा करने लगी।

मैंने फिर कहा- मैं क्या करूँ.. मेरा लंड रात से सो ही नहीं रहा है.. और मुझे लग रहा है.. कि इसमें से आग निकलने वाली है।
तो उसने कहा- जाओ यहाँ से.. मुझे काम करने दो..
मैंने कहा- प्लीज़ श्रेया.. सिर्फ एक बार..
उसने मुझे फिर से एक झापड़ मारा.. तो मैं फिर से उसके मुम्मों को पकड़ कर दबाने लगा और झट से अपना पैन्ट खोल कर नीचे कर दिया.. तो मेरा लंड फुनफनाते हुए बाहर आ गया।

अब मैंने कहा- मैं क्या करूँ.. यह बैठ ही नहीं रहा है..
श्रेया की नज़र मेरे लंड पर पड़ी.. तो उसने आँख बंद करके मुझसे कहा- जाओ यहाँ से.. जाओ अपने कमरे में..
तो मैंने कहा- इसे सुलाने का रास्ता बता दो.. मैं चला जाता हूँ..
तब उसने कहा- बाथरूम जाकर इस पर ठंडा पानी डालो.. तो ये बैठ जाएगा..

तब मैंने अपने पूरे कपड़े रसोई में उसके सामने ही खोल दिए और अपना खड़ा लौड़ा हिलाता हुआ बाथरूम में चला गया और लंड पर पानी डालने लगा।
कुछ देर बाद लंड बैठ गया.. तब मैं नंगा ही रसोई में फिर से आ गया।
श्रेया ने भी मुझे और मेरे मुरझाए लंड को देख कर कहा- हो गया ना.. bahan chud gayi home sex story

तभी मेरा लंड श्रेया को देख कर फिर फनफना कर खड़ा हो गया और उसे सलामी देने लगा।
मैं तो लौड़े की हरकत से अन्दर से बहुत खुश था और अब श्रेया ने भी मेरे लंड को खड़ा होते देखा तो उसकी चूत खुजलाने लगी.. लेकिन वो बोलीं- वापिस जाओ फिर वही काम करो..
मैंने भी वही काम 3 बार किया.. लेकिन श्रेया को देखते ही लंड फिर से खड़ा हो जाता था।
मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था.. तब श्रेया ने कहा- देखो नीरज भैया.. तुम समझ ही नहीं रहे हो.. चलो मैं इसे सुला देती हूँ.. लेकिन वादा करो कि ये बातें किसी से भी नहीं कहोगे..

तो मैंने वादा किया.. तब श्रेया हाथ धोकर मुझे अपने साथ बाथरूम ले गई और मेरे लंड पर पानी डालने लगी.. लेकिन मेरा लंड मान ही नहीं रहा था।
तब उसने उपने हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया.. मुझे तो लगा कि मेरे अन्दर का ज्वालामुखी फटने वाला है और मेरा लंड लोहे जैसा मजबूत हो गया।
तो उसने कहा- यह तो बहुत हार्ड है..

पानी डालते हुए लंड को हाथ से पकड़ कर आगे-पीछे करने लगी।
मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था.. मेरे मुँह से ‘आआ.. आआहह.. श्रेया.. ऊऊऊओ.. श्रेया तुम कितनी अच्छी हो.. आआआ.. आअहह.. और तेज़ करो.. आआ.. आअहह.. ओहह.. निकलता रहा और वो मेरी मुठ्ठ मारती रही.. लेकिन मेरा पानी निकल ही नहीं रहा था।

करीब पन्द्रह मिनट बाद मुझे लगा कि मेरा पानी गिरने वाला है तो मेरे मुँह से ज़ोर-ज़ोर से ‘आआहह.. आआहह.. ऊऊओहह.. श्रेया.. तुम कितनी अच्छी हो..’ ये बातें निकल रही थीं।
तभी श्रेया ने सोचा कि बहुत देर हो गई है.. तो वो मेरे लंड को बहुत ध्यान से देखने लगी.. तभी मेरे लंड ने पिचकारी मारी और सारा पानी श्रेया के मुँह पर जा गिरा.. वो एक पल के लिए चौंकी.. फिर भी वो तेज़ी से हाथ चलाती रही और उसने मेरा पूरा पानी निकाल दिया।

फिर उसने खड़ी होकर फव्वारा चला दिया.. मैं तो नंगा था ही.. और वो नाईटी पहने ही भीगने लगीं। हम दोनों एक साथ नहाने लगे.. तभी मैंने कहा- बहुत मज़ा आया श्रेया… तुम भी अपनी नाईटी खोल दो। bahan chud gayi home sex story
मगर उसने कोई जबाव नहीं दिया.. मेरे 2-3 बार बोलने पर उसने अपनी नाईटी खोल दी। अन्दर उसने ब्रा और पैन्टी भी नहीं पहनी थी.. अब श्रेया मेरे सामने बिल्कुल नंगी हो चुकी थी।

इतना कहने के बाद आखिर श्रेया ने बाथरूम में अपना नाईटी गिरायी। पर चलो बहन नंगी तो हुई, नहीं तो ऐसा लग रहा था की वो कल रात को भूल ही गयी है.. इस home sex story का अगला भड़काऊ भाग-

अब हम दोनों नहाने लगे और नहाते नहाते मैं लगातार उसके मुम्में और झांटों वाली चूत देख रहा था.. हल्की रोशनी में भी मुझे अपनी छोटी बहन की नंगी जवानी और मादक बदन साफ़-साफ़ दिख रहा था और मुझे बहन की नंगे मुम्मों को पहली बार देख कर मज़ा आ रहा था। मैंने अब तक श्रेया को सिर्फ़ कपड़ों के ऊपर से देखा था और मुझे पता था की श्रेया का बदन बहुत सुडौल और भरा हुआ होगा, लेकिन इतनी अच्छी फिगर होगी ये नहीं पता था।

श्रेया के गोल संतरे से मुम्में, पतली सी कमर और गोल-गोल सुंदर से चूतड़ों को देख कर मैं तो जैसे पागल ही हो गया। इस कारण मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और ये उसको भी पता चल गया.. क्योंकि कभी-कभी लंड उसके शरीर से सट जाता था..

श्रेया तुम्हारे मुम्में बहुत प्यारे हैं बहुत ही सुंदर और ठोस हैं। तू तो साली बनी ही चोदने के लिए है। अगर मुझे पता होता के तू मर्द को उसके नीचे लेट कर इतने मज़े देती हो तो तुझे घर में ही चोद देता जब त फ़्राक पहना करती थी और तेरी झांटें भी नहीं उगी थी… मैंने श्रेया से कहा
फिर हम कमरे में आ गए.. वो अपने कपड़े पहनने लगी.. तो मैंने फिर कहा- श्रेया.. मेरा लंड फिर खड़ा हो गया है.. अब क्या करूँ..?

उसने कहा- चल बिस्तर पर लेट जाओ फिर से मुठ्ठ मार देती हूँ।
तो मैं लेट गया और वो नाईटी पहन कर आईं और मेरी मुठ्ठ मारने लगी।
अब मैंने कहा- श्रेया एक बात कहूँ..
तो उसने कहा- क्या?
मैंने कहा- प्लीज़ कल रात जैसा फिर से चुदाई करने दो ना..
तो उसने कहा- नहीं..

मैं बार-बार बोल रहा था कि जब एक बार हो ही गया तो एक बार और करने से क्या हो जाएगा.. और मैं किसी से कहूँगा भी नहीं..
इतनी देर से वो मेरी मुठ्ठ मार रही थी.. इसलिए वो भी गर्म हो गई थी, इस बार वो मना नहीं कर सकी।
उसने कहा- ठीक है.. लेकिन सिर्फ़ एक बार.. और यह बात किसी से मत कहना भैया..
तो मैंने कहा- भला मैं किसी से क्यों कहूँगा श्रेया..

फिर मैंने झट से उठ कर उसकी नाईटी को खोल दिया.. अब उसने ब्रा और पैन्टी पहनी हुई थी।
मैंने जल्दबाजी में ब्रा को भी खोल दिया और उसे बिस्तर पर लिटा कर उसके मुम्में दबाने और चूसने लगा।
मैं उसके दूध कुछ ज्यादा ही ज़ोर से चूस और दबा रहा था.. कि तभी श्रेया ने कहा- थोड़ा धीरे करो नीरज भैया.. मैं कहीं भाग नहीं रही हूँ।

मुझे अपनी चुदास के चलते उसके ये शब्द सुनाई नहीं पड़े और मैं ज़ोर-ज़ोर से उसके मुम्में चूसता और दबाता रहा।
वो लगातार ‘आआहह.. आआअहह.. ओह नीरज भैया..’ करती रहीं।
मुझे उसके मुँह से अपना नाम सुनकर बड़ा मज़ा आ रहा था।
अब मैं नीचे आकर बहन की नाभि चाटने लगा। bahan chud gayi home sex story
उसका चुदास भरा जोश बढ़ता ही जा रहा था।

फिर मैंने अपना हाथ ले जाकर उसकी चूत पर रख दिया.. तो उसने कहा- प्लीज़ नीरज भैया.. छोड़ दो.. ये ग़लत है..
तो मैंने उसके होंठों पर अपने हाथ रख कर उसे चुप करा दिया और फिर अचानक एक उंगली बहन की चूत में पेल दी। इससे वो चीख पड़ी और बोलीं- धीरे-धीरे डालो.. दर्द होता है..
फिर मैं उसकी मुम्में चाटता रहा और उंगली तेज़ी से अन्दर-बाहर करने लगा।

वो गीली होने लगी और मेरा हाथ भी गीला हो गया.. तभी मैंने अचानक अपना मुँह उसकी चूत पर लगा दिया.. तो वो चौंक पड़ीं.. और बैठ गईं.. अब वो मुझे हटाते हुए बोलीं- यह क्या कर रहे हो भैया?
तो मैंने कहा- तेरी चूत चाट रहा हूँ.. और इसका पानी पीना चाहता हूँ.. क्यों संजय ने.. कभी तेरी चूत नहीं चाटी है क्या?
तो उसने कहा- नहीं..

मैंने कहा- तब तो तूने 2 साल शादी के बाद भी सेक्स का असली मज़ा लिया ही नहीं.. खैर अब आराम से मज़ा लो..
वो सिसकारियाँ लेने लगीं और अब वो पूरी तरह से तैयार होती जा रही थीं, उसके मुँह से आवाज निकल रही थी ‘आआ.. आआ.. आहह.. नीरज.. ओह भैया.. पूरा पानी पी जाओ भैया..’ वो ये बहुत ही कामुकता से बोल रही थी।

मेरे इस काम से वो इतनी उत्तेजित हो गई थी कि दस मिनट बाद वो झड़ गईं और मैंने उसका पूरा पानी पी लिया। जब उसके रस की अंतिम बूँद निकल रही थीं.. तो मैंने उसका पानी अपने मुँह में लेकर उसे मुँह खोलने को कहा और उसके मुँह में बहन की चूत का माल उगल दिया.. और कहा- श्रेया अपना पानी तुम भी तो टेस्ट करो..
जिसे वो बड़े मजे से पी गईं.. उसने कहा- बड़ा मज़ा आया.. bahan chud gayi home sex story

तो मैंने कहा- लेकिन मेरा लंड तो अभी भी खड़ा है..
अब वो हाथ से मेरा लंड पकड़ कर तेज़ी से मुठ्ठ मारने लगीं तो मैंने कहा- बस करो.. नहीं तो मैं झड़ जाऊँगा।
यह कह कर मैंने उसे लिटा दिया और मैं उसके ऊपर आ गया। मैंने लंड को बहन की बुर के मुहाने पर रख कर बिना पूछे ही एक जोरदार धक्का लगा दिया.. मेरे इस अचानक के धक्के से वो चीख पड़ीं- धीरे करो भैया.. दर्द होता है..

तो मैंने कहा- क्यों.. तू तो चुदती रहती है ना..?
इस पर उसने कहा- लेकिन संजय का लंड केवल 4 इंच का है.. और आपका 6 इंच का है.. और आपका लंड मोटा भी है.. मुझे मोटे और लंबे लंड की आदत नहीं है।
मैंने कहा- ठीक है.. फिर धीरे चोदता हूँ।

यह कह कर मैंने और जोरदार धक्का मारा तो मेरा 6 इंच का लंड.. पूरा उसकी चूत की जड़ में चला गया।
वो बहुत जोर से चीख पड़ीं- आआआहह.. नीरज भैया.. तूने मेरी चूत फाड़ दी साले.. ऊऊऊओहह.. क्या कर दिया तूने.. ओहह.. ओहह..
मैंने फिर से लंड को सुपारे तक बाहर निकाला और फिर एक जोरदार धक्का दे दिया और इस तरह से मैं उसे चोदता रहा और वो चीखती रही।

फिर मैंने कहा- अब मैं लेट जाता हूँ.. और तुम मेरे लंड पर बैठ कर ऊपर-नीचे करो..
तब वो वैसे ही करने लगीं।
फिर काफ़ी देर के बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने उससे पूछा- मैं झड़ने वाला हूँ.. कहाँ गिराऊँ?
श्रेया ने कहा- भैया मेरी चूत में ही डाल दो और मैं भी बस आ ही रही हूँ..

करीब 5 मिनट के बाद मैं और मेरी बहन दोनों झड़ गए।
झड़ने के बाद मैं वैसे ही पड़ा रहा.. दो मिनट के बाद मेरा लंड छोटा होकर खुद ही बाहर आ गया और हम दोनों वैसे ही नंगे लेटे रहे।
फिर 5 मिनट के बाद मैंने फिर से अपना हाथ श्रेया की मुम्मों पर रख कर उसे सहलाने लगा.. तो उसने मेरा हाथ हटा दिया।

मैंने फिर रखा.. तो उसने फिर मेरा हाथ हटा दिया.. लेकिन जब मैंने फिर से हाथ रखा.. तो वो कुछ नहीं बोलीं और चुपचाप लेटी रहीं।
तब मैं एक हाथ से एक दूध को दबाने लगा.. और दूसरे को मुँह में लेकर चूसने लगा। मैंने श्रेया की चूचियों का दबाते हुए कहा- श्रेया, तू बड़ी मस्त है ! संजय को तो खूब मज़े देती होगी तू ! bahan chud gayi home sex story

श्रेया- तू भी ले न मज़े ! तू तो मेरा सगा भाई है, तेरा भी उतना ही हक बनता है मुझ पर ! अब से तू मेरा दूसरा खसम है !
मैंने कहा हाँ श्रेया ! क्यों नहीं !
श्रेया बोली हाय, कितना अच्छा लगता है अपने बड़े भाई से ये सब करवाना, सच बता कितनियों को चोदा है तूने अब तक?

मैंने कहा अब तक एक भी नहीं श्रेया डार्लिंग, आज तुझसे ही अपनी ज़िंदगी की पहली चुदाई शुरू करूँगा।
मैंने उसकी घुंडियों को अपने मुँह में लिया और चूसने लगा। श्रेया सिसकारियाँ भरने लगी। मैंने उसे लिटा लिया, उसके बदन के हर अंग को चूसते हुए उसकी चूत पर आया, वो बिल्कुल गीली हो चुकी थी। मैं ही बहन की फ़ुद्दी को चूसने लगा।
श्रेया पागल सी हो रही थी।

आह ! क्या शानदार चूत थी ! लगता ही नहीं था कि इसकी चुदाई हो रही थी ! बहन की गोरी गोरी चूत पर काली काली झांटें ! ऐसा लगता था चाँद पर बादल छा गए हों ! मैंने झांटों को हाथ से बगल किया और उसके चूत को उँगलियों से फैलाया, अन्दर एकदम लाल नजारा देख कर मेरा दिमाग ख़राब हो रहा था। मैंने झट से उसकी लाल लाल चूत में अपनी लपलपाती जीभ डाली और स्वाद लिया, फिर मैंने अपनी पूरी जीभ जहाँ तक संभव हुआ उसकी चूत में घुसा कर चूस चूस कर स्वाद लेता रहा। bahan chud gayi home sex story

श्रेया जन्नत में थी, उसने अपनी दोनों टांगों से मेरे सर को लपेट लिया और अपनी चूत की तरफ दबाने लगी। दस मिनट तक उसकी चूत चूसने के बाद उसकी चूत से माल निकलने लगा। मैंने बिना किसी शर्म के सारा माल को चाट लिया।
श्रेया बेसुध होकर पड़ी थी, वो मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी।
मैंने कहा सच बता श्रेया, संजय से पहले कितनों से चुदवाया है तूने?

श्रेया- संजय से पहले सिर्फ दो ने चोदा है मुझे !
मैंने कहा- हाय, किस किस ने तुझे भोगा री?
श्रेया- जब मैं स्कूल में थी तब स्कूल की एक सहेली के भाई ने मुझे तीन बार चोदा। फिर जब मैं सोलह साल की थी तो कालेज में मेरा एक फ्रेंड था, हम सब एक जगह पिकनिक पर गए थे, तब उसने मुझे वहाँ एक बार चोदा। उसके बाद तो मेरी शादी ही संजय से हो गई।

मैंने- तब तो मैं चौथा मर्द हुआ तेरा न?
श्रेया- हाँ ! लेकिन सब से प्यारा मर्द !

मैं उसके बदन पर लेट गया आर उसके रसीले होंठ को अपने होंठों में लिए और अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी। कभी वो मेरी जीभ चूसती, कभी मैं उसकी जीभ चूसता। इस बीच मैंने बहन की दोनों टांगों को फैलाया और बहन की चूत में उंगली डाल दी। श्रेया ने मेरा लंड पकड़ा और उसे अपने चूत के छेद के ऊपर ले गई और हल्का सा घुसा दिया। अब शेष काम मेरा था, मैंने उसकी जीभ को चाटते हुए ही एक झटके में अपना लंड बहन की चूत में पूरा डाल दिया। वो दर्द में मारे बिलबिला गई। बोली- अरे, फाड़ देगा क्या रे? निकाल रे ! bahan chud gayi home sex story

लेकिन मैं जानता था कि यह कम रंडी नहीं है, इसे कुछ नहीं होगा, मैंने उसकी दोनों बाहें पकड़ी और अपने लंड को उसकी चूत में धक्के लगाने शुरू कर दिए। वो कस कर अपनी आँखें बंद कर रही थी और दबी जुबान से कराह रही थी लेकिन मुझे उस पर कोई रहम नहीं आ रहा था बल्कि उसकी चीखों में मुझे मजा आ रहा था।

70-75 धक्कों के बाद उसकी चीखें बंद हो हो गई। अब उसकी चूत पूरी तरह से मेरे लंड को सहने योग्य चौड़ी हो गई थी, अब वो मज़े लेने लगी। उसने अपनी आँखे खोल कर मुस्कुरा कर कहा- हाय रे मेरे दूसरे खसम, बड़ा जालिम है रे तू ! मुझे तो लगा मार ही डालेगा !
मैंने कहा- श्रेया डार्लिंग, मैं तुझे कैसे मार सकता हूँ रे ! तू तो अब मेरी जान बन गई है और तुझे तो आदत होगी न बचपन से?

श्रेया हंसने लगी. बोली- लेकिन इतना बड़ा लंड की आदत नहीं है मेरे शेर राजा ! मज़ा आ रहा है आपसे चुदवा कर !
करीब दस मिनट तक चोदने के बाद मेरे लंड से माल निकलने पर हो गया, मैंने कहा- श्रेया डार्लिंग, माल निकलने वाला है।
श्रेया- निकाल दे ना वहीं अन्दर !
अचानक मेरे लंड से माल की धार बहने लगी और मैंने पूरा जोर लगा कर बहन की चूत में अपना लंड घुसा दिया। श्रेया कराह उठी। bahan chud gayi home sex story

थोड़ी देर बाद हम दोनों को होश आया, मेरा लंड उसकी चूत में ही था।
श्रेया आँख बंद करके लेटी थीं.. करीब दस मिनट के बाद हम दोनों उठे और बाथरूम जाकर.. फिर से नहाने लगे। दोनों ने एक-दूसरे को साबुन लगाया और मालिश करने लगे। फिर हम नहा कर नंगे ही कमरे में आ गए।
मैंने उससे कहा- मैं तुझे कपड़े पहनाता हूँ.. और वो मुझे कपड़े पहना दें।

मैंने उसे पैन्टी.. ब्रा और सूट पहना दिया। उसके होंठों पर लिपिस्टिक भी लगा दी..
इसके बाद जब वो मुझे अंडरवियर पहनाने लगीं.. तो मेरा लंड फिर से खड़ा होकर उसे सलामी देने लगा लेकिन किसी तरह से दोनों ने कंट्रोल करके कपड़े पहन लिए और तैयार हो गए।
चुदाई करते-करते भूख भी लग आई थी और थक भी गया था। जब मैंने घड़ी पर नज़र डाली.. तो 2 बज चुके थे। अब हम दोनों ने एक साथ खाना खाया और फिर बिस्तर पर आ गए।

करीब 5 मिनट लेटने के बाद मैंने श्रेया को अपनी ओर घुमाया और उसके गाल पर चुम्बन करने लगा और उसके मम्मों सहलाने लगा। bahan chud gayi home sex story
फिर मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चुम्बन करने लगा। मैं उसका होंठ चूस रहा था और वो मेरा..
फिर कुछ देर बाद मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी और कुछ देर बाद उसने मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी।
अब हम बहुत ही सनसनाहट वाली चूमा-चाटी करने लगे।

हमने करीब आधे घंटे तक चूमा-चाटी की, फिर मैंने कहा- श्रेया रात को चुदवाओगी ना?
तो वो कहने लगीं- अगर संजय हुए तो नहीं करवाऊँगी।
मैंने कहा- कुछ भी बहाना करके नीचे आ जाना..
तो उसने कहा- ठीक है कोशिश करूँगी..

इसके बाद मैंने श्रेया की पूरे दम से चुदाई की और झड़ने के बाद मैं सो गया। श्रेया वहाँ से चली गईं।
फिर मैं सोकर 3.30 बजे उठा और पूनम को लाने चला गया और उसे लेकर 4.30 बजे मैं घर आया।
अभी तक सब नॉर्मल था.. पूनम का एक्जाम भी खत्म हो चुके थे।

इसलिए वो भी आराम के मूड में थी और एंजाय कर रही थी। मैं जब पूनम को लाने गया था.. तो मैंने एक डब्बा ‘कोहिनूर एक्सट्रा टाइम’ वाला कंडोम का ले लिया था। यह सेफ्टी के लिए आवश्यक था। bahan chud gayi home sex story
फिर जब रात हुई.. तो हम सब सो गए। मैं नीचे सोया था.. संजय-श्रेया ऊपर और पूनम कमरे में सो रही थी।

करीब एक घंटे बाद मुझे कुछ हल्की सिसकारियाँ सुनाई दे रही थीं.. क्योंकि संजय श्रेया को चोद रहा था। इससे मेरी नींद खुल गई.. करीब आधा घंटे बाद जब उसकी चुदाई रुकी.. तो श्रेया ने कपड़े ठीक करने के बाद संजय से कहा- अब हो गया ना.. मुझे बहुत गर्मी लग रही है और मैं फर्श पर सोने नीचे जा रही हूँ।
कह कर वो नीचे मेरे बगल में आकर लेट गईं।

अब सब सोने लगे.. करीब 5 मिनट के बाद मेरा हाथ मेरी बहन के शरीर पर रेंगने लगा और मैंने उसकी नाईटी ऊपर तक उठा दी और उसके मुम्में चूसने और दबाने लगा।
आधा घंटे बाद मैंने अपनी एक उंगली बहन की चूत में डाल दी और आगे-पीछे करने लगा। अभी कुछ पल पहले ही चुदने के कारण श्रेया की चूत गीली थी और वो झड़ने का नाम भी नहीं ले रही थीं.. तभी उसने भी मेरा लंड पकड़ लिया और धीरे-धीरे ऊपर-नीचे करने लगी।

आधा घंटे के बाद मैं झड़ गया.. पर श्रेया को झड़ाने में मुझे पूरा एक घंटा लगा.. फिर हम सो गए।
सुबह मैं 8 बजे सो कर उठा.. तो मैंने सुना कि संजय को ऑफिस के काम से एक हफ्ते के लिए मधुबनी जाना है। श्रेया की सास घर भी वहीं है.. तभी पूनम भी जाने को ज़िद करने लगी।

अब तय हुआ कि संजय के साथ पूनम भी जाएगी और पूनम का एक्जाम हो चुके थे.. इसलिए संजय ने वहाँ दस दिन का प्रोग्राम बना लिया.. क्योंकि वो ऑफिस के टूर पर जा रहा था.. इसलिए कोई तनाव नहीं था और उसी शाम का रिज़र्वेशन हो गया।
श्रेया मेरे कारण नहीं जा सकीं.. क्योंकि मेरे एक्जाम 15 दिन बाद शुरू होने वाले थे।

मैंने जब उन लोगों के जाने की बात सुनी तो मैं अन्दर से बहुत खुश था और उन लोगों के जाने का इंतजार करने लगा।
आख़िर वो घड़ी आ ही गई और मैं और श्रेया दोनों उन लोगों को छोड़ने स्टेशन गए और ट्रेन निकल जाने के बाद जब मैं श्रेया के साथ बाइक से लौट रहा था तो मैंने श्रेया से कहा- अब दस दिन तक हमारी रोज सुहागरात होगी.. और अब तुम थोड़ा सट कर बैठ जाओ न! bahan chud gayi home sex story
तो वे अपनी चूचियां मेरी पीठ से चिपका कर बैठ गई। तभी मैंने मार्केट में एक जगह बाइक रोकी और श्रेया से कहा- दो मिनट में आता हूँ।

फिर मैं श्रेया को वहीं छोड़ कर.. जाकर 2 पैकेट सिगरेट और एक बॉटल वाइन की ले आया।
श्रेया ने कहा- बैग में क्या लाया है?
तो मैंने कहा- घर चलकर देख लेना।
रास्ते में मैंने ढेर सारे फूल और सजावट का सामान लिया.. एक दुकान में श्रेया के साथ गया और सेल्समैन से कहा- स्टाइलिश पैन्टी.. ब्रा और नाइट हाफ सूट दिखाओ..

श्रेया मेरा मुँह देखने लगीं.. मैंने उसका हाथ पकड़ कर दबा दिया और फिर हमने 6 पैन्टी.. ब्रा और 2 नाइट सूट खरीदे।
श्रेया ने कहा- इन सबका क्या करोगे? bahan chud gayi home sex story
तो मैंने कहा- सब घर चल कर पता चल जाएगा..

———क्रमशः———-

अब तो श्रेया भी रंग में आ गयी है, अब तो उसको छोड़ने में और मज़ा आएगा। इस home sex story का आखिरी भाग जल्द ही..

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