नौकरानी की मस्त चुदाई

जब मैं 18 साल का था, मेरी एक जवान नौकरानी थी कविता, वो भी लगभग मेरे ही जितनी थी। गजब की सुन्दर थी और बड़ा ही मादक और खूबसूरत बदन था उसका ! बिल्कुल अनछुई और कच्ची कलि थी ! पढ़िए मस्त servant sex stories – Antarvasna

मेरी कई गर्ल फ्रेंड से भी ज्यादा सेक्सी और सुन्दर थी वो ! शायद यही वजह थी कि मैं एक नौकरानी की कमसिन जवानी पर मर मिटा था ! तब मेरा घर के बाहर ही जनरल स्टोर हुआ करता था ! और जनरल स्टोर में भी कविता ही साफ सफाई किया करती थी ! जब भी वो झुक कर झाड़ू-पौंछा करती थी तब मैं उसके बड़े-बड़े, गोरे-गोरे और कसे स्तन देखता था, बाथरूम में जाकर उसको चोदने का सोच सोच मुठ मारता था, पर उससे बात कैसे करूँ, कैसे उसे चोदूँ, उसकी छोटी सी गुलाबी चूत कैसी होगी? यही सोचता रहता था !

servant sex stories – Antarvasna
servant sex stories

To read more interesting stories click on our website – Antarvasna


एक बार जब मेरी मम्मी कुछ दिनों के लिए नानी के घर गई तो मेरे छोटे भाई बहन को भी साथ में लेकर गई, पापा भी रोज सवेरे अपने काम पर चले जाते थे। तो मैंने सोचा कि यही समय हैं कविता से दोस्ती करने का ! बात बन गई तो अच्छा नहीं तो किसी को पता भी नहीं चलेगा !


मैंने धीरे-धीरे काम के बहाने से ही उससे बातचीत चालू की, बीच बीच में उसे हँसाने की भी कोशिश करता था, उसे भी शायद अच्छा लगता था।
एक-दो दिन में उससे अच्छी दोस्ती हो गई। मैं कभी-कभी मजाक में उसके ऊपर और उसके कसे कमीज़ पर थोड़ा सा पानी डाल देता था। वो गीली हो जाती थी तो उसकी ब्रा और वक्ष दिखते थे। मैं उसके आस पास ही रहता था, बड़ी ही मादक खुशबू आती थी उसके अनछुए कमसिन जिस्म से ! servant sex stories – Antarvasna


एक दिन दोपहर को मैं जल्दी दुकान बंद करके और घर के बाहर का दरवाजा बंद करके अन्दर आ गया ! कविता जाने वाली थी, मैंने उसे बहाना बना कर थोड़ी देर रुकने के लिए कहा तो वो मान गई ! मैं उससे मजाक करने लगा ! थोड़ी देर बाद वो फिर जाने लगी तो मैंने नया बहाना बनाया कि मुझे बहुत भूख लगी है और वो अपनी पसंद का कुछ अच्छा बनाकर मुझे खिलाये !

indian escorts myheavenmodels


वो फिर मान गई !
मैंने कविता से फिर मजाक करना चालू किया, इस बार उसने भी मेरे साथ मजाक किया।
मैंने कविता को मजाक में बोला- मेरे साथ ज्यादा बात मत कर, वरना मैं तुझे उठा कर पटक दूंगा बाथरूम में ले जाकर शॉवर के नीचे ! फिर भीगी बिल्ली बन कर घर जाना !

servant sex stories – Antarvasna


इस पर उसने कहा- जाओ-जाओ ! बहुत देखे हैं तुम्हारे जैसे !
मैंने सोचा कि अच्छा मौका है !
पर मुझे थोडा सा डर लग रहा था, इसलिए मैं सीधा बाथरूम में गया, मैंने एक भरा हुआ मग पानी लाकर उसकी ड्रेस के ऊपर डाल दिया, जिससे कविता अच्छी-खासी गीली हो गई !


मैंने कहा- अब बोल ? और अब ज्यादा बात करेगी तो सोच ले कि तब तो तू गई ! पूरा नहला दूंगा, फिर मुझे मत बोलना !
मेरा लंड खड़ा हो चुका था। फिर जैसे ही मेरा ध्यान थोड़ा सा हटा, उसने मेरे सर पर भी पानी डाल दिया !

मुझे जिस मौके की तलाश थी वो मिल गया था !
मैंने उसे बोला- अब तो तू गई काम से !


और पीछे से उसकी कमर से पकड़ कर उठाया जिससे मेरे हाथ उसके वक्ष के ऊपर थे ! मैं तो मदहोश हो रहा था, कविता को जबरदस्ती बाथरूम के अन्दर ले गया ! वो अपने को हँसते हुए छुड़ाने की कोशिश कर रही थी !
पर मेरी पकड़ उसके बदन पर मजबूत थी ! बाथरूम में जाकर मैंने शॉवर चालू कर दिया और उसके साथ भीगने लगा !
उसने कहा- अब प्लीज़ छोड़ दो ! servant sex stories – Antarvasna

मैंने भी उसे छोड़ दिया और हम दोनों बाथरूम से बाहर आ गए ! वो लगभग पूरी भीग कर कयामत ही लग रही थी। मैं तो पागल हुआ जा रहा था पर किसी तरह अपने पर काबू रखा और उसे कहा- देखा, अब मेरे से पंगा मत लेना !
वो फिर से मुझे चिड़ाने लगी !


अब मैंने सोच लिया कि अब तो मैं इसे चोद कर ही रहूँगा !इस बार मैने कविता को पीछे से सीधे उसकी चूचियाँ ही पकड़ कर उठाया और बाथरूम में ले गया और शॉवर चालू कर दिया। वो फिर से हँसते हुए छुड़ाने की कोशिश करने लगी ! पर अब मेरे सब्र का बांध टूट चुका था, मैं उसे पागलों की तरह चूमने लगा, उसके स्तन दबाने लगा शॉवर के नीचे ही ! servant sex stories – Antarvasna


फिर मैं ज्यादा देर न करते हुए कविता को चूमते हुए, स्तन दबाते हुए कमरे में लेकर जाने लगा पर अब वो मेरे इरादे समझ चुकी थी इसलिए वो रोने लगी और अपने पूरे जोर से अपने आप को छुड़ाने लगी। पर मैं तो पागल हो चुका था, मैंने उसे बेड पर पटका और जल्दी से अपने कपड़े उतार दिए। वो लगातार हंसे जा रही थी और मुझे छोड़ने के लिए भी कह रही थी पर मैं कहाँ सुनने वाला था, मैं उसके ऊपर चढ़ गया।


मैं उसे नंगा करना चाहता था, उसकी प्यारी चूत और बड़े और गोरे स्तन देखना चाहता था और चाटना चाहता था। पर उसके विरोध और बहुत हाथ चलाने के कारण कुछ कर नहीं पा रहा था, क्योंकि उसकी कमीज़ बहुत कसी थी, ज्यादा जोर लगाने से फट जाती तो बाहर कैसे जाती वो और मेरी पोल खुल जाती !

फिर मैंने दिमाग से काम लिया, उसके सर की तरफ जाकर उसके हाथों को अपने घुटनों के नीचे दबा दिया ताकि उसके हाथ चलना बंद हो सके और में उसकी कमीज़ और सलवार उतार सकूँ ! मेरा विचार काम कर गया, मैंने उसकी कमीज़ और ब्रा उतार दिए। क्या गोरी-गोरी चूचियाँ थी उसकी और क्या गुलाबी चुचूक थे उसके ! गरीब के घर अप्सरा पैदा हुई थी ! मैं तो जन्नत में आ गया था ! servant sex stories – Antarvasna


वो हंस-हंस कर मुझे छोड़ने को कह रही थी मगर मैं उसके चुचूक को चूसने लगा और खूब चूसा, और होंठों पर भी जोर से चूम रहा था। धीरे-धीरे उसका विरोध ख़त्म हो रहा था ! अब वो चुपचाप मेरा साथ देने लगी, मज़ा लेने लगी।
मैं फिर उसके ऊपर आ गया और पागलों की तरह उसे चूमता और चूचियाँ चूसता जा रहा था और वो जोर जोर से सिसकारियाँ ले रही थी।

अब मैं निश्चिंत होकर उसके ऊपर आ गया और उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया। उसकी चड्डी चूत-रस से गीली हो चुकी थी और अपनी मादक खुशबू से मुझे पागल किये जा रही थी।
मैंने उसकी चड्डी भी उतार दी और खुद भी पूरा नंगा हो गया ! अब हम दोनों नंगे थे। उसकी चूत फ़ूल चुकी थी- क्या गोरी चूत थी उसकी ! और ऊपर से सुनहरे रोयेंदार बाल ! servant sex stories – Antarvasna


मुझे तो ऐसा लग रहा था जैसे मैं अंजेलिना जोली या करीना कपूर की चूत देख रहा हूँ !
उसकी चूत का दाना और फांके मुझे जानवर होने पर मजबूर कर रहे थे।
मैंने धीरे से एक उंगली कविता की चूत के अन्दर डाल दी और उंगली से उसे चोदने लगा।


वो तड़प उठी और सिसकारने लगी। फिर मैंने उसकी चूत के अन्दर अपनी जीभ घुसेड़ दी और उसकी चूत चाटने लगा। कविता उचक-उचक कर तड़पने लगी और सिसकारने लगी, उईईइ अह्ह्ह्हह की आवाज़ें निकलने लगी।


मैंने भी उसको जीभ से चोदने की गति बढ़ा दी और उसकी चूत को पागलों के जैसे चूसने और चाटने लगा। अचानक उसे मुझे जकड़ लिया और मेरा मुँह अपनी चूत के ऊपर और जोर से दबा दिया !
वो झड़ गई थी !

मैंने उसके चूत-रस का स्वाद चखा ! बड़ा ही रसीला और मादक था। जैसे मुझ पर नशा चढ़ गया, उसे भी बहुत आनंद आ रहा था और मुझे ख़ुशी हो रही थी कि अब मैं इस कुँवारी चूत को तरीके से चोद सकता हूँ।
कविता एकदम से बेसुध होकर बिस्तर पर ही लेटी हुई थी परम-आनन्द के नशे में ! वो जन्नत की सैर कर रही थी !

पर अब तो असल चुदाई शुरू होने वाली थी क्योंकि अब मेरे लंड महाराज की बारी थी जो बहुत देर से अकड़ कर खड़े थे। मेरा लंड इतना अकड़ चुका था कि अगर मैं उसकी प्यास जल्दी नहीं बुझाता तो मेरा लंड बम की तरह ही फ़ट जाता।


अब मैंने कविता को सीधा लिटाया और उसकी दोनों टांगें फैला दी। अब कविता होश में आ रही थी, उसने मेरा मोटा और लम्बा लंड देखा तो डर सी गई। servant sex stories – Antarvasna


मैंने उसे समझाया- कुछ नहीं होगा ! अब तुझे असली जन्नत की सैर कराता हूँ !
वो भी चुदना चाहती थी ! servant sex stories – Antarvasna
अब मैंने फिर से उसकी चूत में अपनी जीभ डाल दी और उसकी चूत को अच्छे से पूरा गीला कर दिया लंड अन्दर डालने के लिए ! servant sex stories – Antarvasna


मैंने अपने लंड का सुपारा उसकी कोमल चूत के ऊपर रखा और उसके चुचूक और होंठ चूसते हुए एक जोर का धक्का मारा। मेरा लंड उसकी चूत की झिल्ली फाड़ते हुए आधे से ज्यादा घुस गया। कविता को जोर का दर्द हुआ क्योंकि उसकी चूत फट गई थी। उसके चीखने से पहले ही मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से दबा दिया और थोड़ी देर के लिए रुक गया। मुझे लग रहा था कि उसकी चूत से गर्म-गर्म खून निकल रहा है। वो रोती जा रही थी और तड़प रही थी। में उसे जोर से चूम रहा था और उसके स्तन सहलाता जा रहा था ताकि वो सामान्य हो जाये ! servant sex stories – Antarvasna

थोड़ी देर बाद वो शांत हो गई, उसका दर्द कम हो गया था। सो मैंने धीरे-धीरे लंड को अन्दर-बाहर करना शुरु किया।

अब वो अपनी गांड उठा-उठा कर मेरा साथ दे रही थी पर लंड पूरा अन्दर नहीं गया था। फिर से मैंने उसको जोर से चूमते हुए एक झटका मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया ! वो तड़पने लगी पर अब मैं कहाँ रुकने वाला था, मैं उसे पागलों की तरह चूसते-चाटते जोर जोर से चोदने लगा !


अब वह भी उचक-उचक कर चुदवा रही थी, सिसकारियाँ लेकर- उईईई आहऽऽ आईईई !
मैं तो जंगली बन चुका था और उसे बेतहाशा चोदे जा रहा था। अचानक एक बार फिर उसने मुझे जोर से जकड लिया। मैंने अपनी गति और तेज कर दी, पूरा कमरा मेरे लंड के अन्दर-बाहर होने की फच्च्क फच्च की आवाज़ों से भरा हुआ था।
अब कविता फिर से झड़ गई थी और निढाल होकर लेट गई। अब मेरी झड़ने की बारी थी, मैं तेज-तेज़ उसे चोदे जा रहा था और मैं भी उसकी चूत में ही झड़ गया। servant sex stories – Antarvasna


उसकी चूत मेरे वीर्य से भर गई !
मैं कविता के ऊपर ही लेट गया ! servant sex stories – Antarvasna


थोड़ी देर बाद मैं उठा, पर कविता नहीं उठ पा रही थी। अचानक उसकी नज़र चादर पर पड़ी और खून देखकर उसके होश उड़ गए ! वो डर गई और जोर से रोने लगी और कहने लगी- मैं सबको बता दूंगी !मैं डर गया और उसे मनाने लगा ! उसे अपनी जिंदगी की दुहाई दी ! आगे कभी ऐसा नहीं होगा- कहकर उसके पैरों में गिर गया, जिससे वो मन जाये, क्योंकि वो पैसों की लालची नहीं थी। वो बहुत अच्छी थी इसलिए उसने मुझे माफ़ कर दिया।


मैं उसे उठा कर बाथरूम में ले गया। उसने अपने को साफ किया। चादर भी धो दी। मैंने उसे दर्द की गोली दी ताकि उसे दर्द न हो और किसी को पता न चले। servant sex stories – Antarvasna

—————- समाप्त —————-

दोस्तों केसी लगी आपको मेरी यह servant sex stories बताना जरुर servant sex stories – Antarvasna

freestory.info@gmail.com

Click the links to read more stories from the category Hindi Sex Story or similar stories about कुँवारी चूतचूत चाटनाडर्टी सेक्सहिंदी पोर्न स्टोरीजकामुकताChudai Ki Kahaniगंदी कहानीPorn story in Hindiकामवासना

और भी मजेदार किस्से: