बस में मिली एक हसीना – Stranger chudai kahani

नमस्कार दोस्तो, मैं आपका एक बार फिर से स्वागत करता हूँ एक नई कहानी में, मेरी stranger chudai kahani का नायक है विवेक और नायिका कोमल है. Chudai ki kahani – Hindi antarvasna sex stories

विवेक 20 साल का एक लड़का है, बी कॉम के दूसरे साल का छात्र है जो रोजाना बस से अपने कॉलेज जाता है. कभी कभी बस में सीट मिल जाती है तो कभी कभी नहीं भी मिलती.
कोमल 30 साल की एक शादीशुदा औरत हैं जो किसी बैंक में काम करती हैं.. और ये भी बस से ही बैंक जाती हैं. कोमल देखने से ही खाते पीते घर की लगती है मतलब उसका बदन भरा पूरा है. बड़ी बड़ी चूचियाँ, उभरे चूतड़, भरा हुआ चेहरा!

एक बार ये दोनों एक ही बस से अपने अपने गंतव्य स्थान की ओर जा रहे थे, स्थिति कुछ ऐसी थी कि विवेक को तो सीट मिल गई थी लेकिन कोमल जी वहीं उसकी सीट से सट कर खड़ी थीं. उनका एक खरबूजे के साइज का चूचा विवेक के सर के पास था या यूँ कहें कि उसके सर से सटा हुआ था. पहले तो इसके बारे में उनका और विवेक का कोई ध्यान नहीं था लेकिन जैसे ही बस चलना शुरू हुई एक हल्के से धक्के से वो सब कहानी समझ गए.

अब चूँकि विवेक एक लड़का था तो उसके अन्दर एक शरारती कीड़ा उठने लगा. अब वो हर झटके पर अपनी तरफ से अपने सिर से उनके नर्म गर्म और मुलायम चूचों को दबा देता. उसे उस अहसास में मजा आने लगा और वो ये भी भूल गया कि ये चूचे किसी और के हैं, उसके नहीं. Stranger chudai kahani

खैर उसे महसूस हुआ कि जो चूचे पहले नर्म और मुलायम थे, अब थोड़े-थोड़े टाइट होते जा रहे है, जो कि विवेक की नज़र में उसके लिए एक अच्छा संकेत था. उसने अपना सिर ऊपर उठा कर कोमल जी के चेहरे की ओर देखा तो वो भी उसे ही देख रही थीं. दोनों एक दूसरे को देख कर थोड़े शर्माए और फिर विवेक ने वही मम्मों को दबाना जारी रखा. लेकिन अब के दबाने में और पिछले में थोड़ा अंतर था.

अब वो ज्यादा देर तक दबाए रख रहा था और कोमल जी भी थोड़ा पास को आ गई थीं. अब विवेक का कंधा कोमल की जांघों के बीच में घुस रहा था. अब विवेक अपने सर के साथ अपनी उंगलियों का भी प्रयोग करने लगा, वो अपना एक हाथ कोमल की टांगों पर ले आया और आस पास के लोगों से आँख बचाकर चूत तक पहुंचने की कोशिश करने लगा.

थोड़ी देर में कोमल जी अपने स्टॉप पर उतर गईं और वो अपने कॉलेज चला गया, जहाँ पढ़ाई करने में उसका मन नहीं लगा.

अगले दिन छुट्टी थी तो दोनों अपने-अपने घर पर रहे. उसके बाद अगले दिन उन्हें पास पास की सीट मिल गई. वो एकदम शांत बैठे थे. शायद ये इंतज़ार में थे कि कौन पहले बात करेगा. Stranger chudai kahani
थोड़ी देर बाद कोमल जी ने चुप्पी तोड़ी और विवेक से उसके कॉलेज के बारे में पूछा तो उसने जवाब में अपना कॉलेज के बारे में बताते हुए उनसे पूछा कि आप क्या करती हैं? तो उन्होंने भी अपनी जॉब के बारे में बता दिया.

फिर कोमल जी ने विवेक से उसका एड्रेस पूछा तो विवेक ने अपना एड्रेस बताते हुए उनका पता पूछा. इससे उन दोनों को पता लगा कि दोनों ज्यादा दूर नहीं रहते हैं. फिर उन्होंने यह कह कर विवेक का मोबाइल नम्बर ले लिया कि अगर वो अपने घर से कभी लेट होती हैं तो विवेक को बता कर एक दो मिनट के लिए बस को रोका जा सके.

अगले दिन कोई और बस थी, जिसमें कुछ ज्यादा ही लोग भरे हुए थे तो वो दोनों भी जैसे तैसे अन्दर घुस गए. कोमल जी आगे थीं और विवेक उनके पीछे खड़ा था. तभी विवेक को एक शरारत सूझी और वो उनके पीछे से उनकी गांड पर अपने अगले हिस्से से ठोकर मारने लगा और जब उसका लंड थोड़ा खड़ा हुआ तो उसने पैंट के ऊपर से निशाना लगा कर गांड के पास दे मारा, जिससे वो पलट कर खड़ी हो गईं.

कोमल जी उसका लंड पकड़कर बोलीं- जरा सब्र करो, इतनी जल्दबाजी भी ठीक नहीं… तुम तो मौके का फायदा उठाना अच्छी तरह जानते हो. Stranger chudai kahani
तो विवेक हल्का सा मुस्कुरा दिया, तब कोमल जी लंड को हल्का सा दबाते हुए बोलीं- देखते हैं कि कितना दम है, कल हाफ डे है.. अगर फ्री हो तो घर आना.. फिर देखते हैं.
तभी बस रुकी और कोमल जी अपने स्टॉप पर उतर गईं. antarvasna video

अगले दिन विवेक की नींद उनके फ़ोन से टूटी तो वो पूछ रही थीं कि क्या हुआ आओगे या डर गए?
तो विवेक बोला- रुको जरा आपको बताता हूं कि कौन डरता है और कितना डरता है.
तब कोमल जी ने जवाब दिया कि इंतज़ार रहेगा.

लगभग 3 बजे के करीब विवेक उनके बताए घर पर पहुँच गया और दरवाजे की बेल बजाई तो थोड़ी देर में एक खूबसूरत सी लड़की ने दरवाजा खोला.
उसने बड़ी शालीनता से विवेक से पूछा- आप कौन? Stranger chudai kahani
तो विवेक ने अपना परिचय देते हुए पूछा- क्या ये कोमल जी का घर है?

तभी कोमल जी आईं और विवेक को ‘वेलकम विवेक..’ बोल कर अन्दर ले गईं. कोमल जी ने उस खूबसूरत सी लड़की से परिचय करवाते हुए कहा- इसका नाम रिया है.. ये मेरे साथ काम करती है.
थोड़ी देर बाद रिया अपने घर चली गई, तब कोमल जी और विवेक को फ्री टाइम मिला.
कोमल के पति को दूसरे शहर में रहना पड़ रहा है, कुछ महीने पहले ही उनका तबादला हुआ था. वे महीने में एक बार ही वीक एंड पर आते हैं. कोमल की कोई सन्तान नहीं है.

कोमल जी बोलीं- हाँ बॉस, अब बताओ कि फ़ोन पर क्या बोल रहे थे?

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तो विवेक ने प्यार से उनके गाल पर हाथ घुमाते हुए उन्हें किस करना शुरू कर दिया.
विवेक को सेक्स का कुछ ख़ास अनुभव नहीं था, उसकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी, बस एक बार यार दोस्तों की मदद से एक काल गर्ल को होटल में बुला कर चोदा था. बस उसी अनुभव के सहारे विवेक आगे बढ़ रहा था.

कुछ ही पलों में वो धीरे धीरे उनके होंठों को अपने होंठों से चूस रहा था. वो भी अपनी जीभ और होंठों का एक परफेक्ट तरीके से उपयोग कर रही थीं. उन्हें बाकी के काम की कोई जल्दबाज़ी नहीं थी.

विवेक धीरे धीरे उनके चूचों पर अपने हाथ को घुमाते हुए ले गया औऱ उनके ब्लाउज का एक हुक खोल कर अपने होंठों से उनके गले पर किस करने लगा. बगल में ही लैपटॉप में उन्होंने एक सेक्सी ट्यून लगा रखी थी, जो माहौल को और भी मज़ेदार सेक्सी बना रही थी. विवेक उनके कान से लेकर उनके गले से होते हुए अपने होंठों को उनके ब्लाउज के पास चूचों की शुरुआती गहराइयों तक ले जा रहा था. कोमल जी ने अपने आपको ऐसे उसके हवाले कर दिया था कि जैसे उनके शरीर में जान ही ना हो. वे एकदम निढाल हो गई थीं और उनके मुंह से एक हल्की सी मादक आवाज आ रही थी.

थोड़ी देर बाद विवेक ने उनका ब्लाउज उनके सेक्सी बदन से अलग कर दिया औऱ लगभग 38 इंच के टाइट हो चुके चूचों पर अपने हाथ और मुंह को ले गया. वो उनके दाएं तरफ के चूचे को अपने हाथ से मसल रहा था और दूसरे चूचे पर गुलाबजामुन की तरह जड़े हुए चॉकलेटी कलर के निप्पल को अपने होंठों से चूसते हुए अपने दांतों से बीच बीच में काटता जा रहा था. Stranger chudai kahani

घड़ी में 4 बज चुके थे, इसका मतलब उन्हें एक दूसरे की बाँहों में खोए हुए लगभग आधा घंटे से ज्यादा हो गया था. लगभग 5 मिनट के बाद जब विवेक उनके दोनों चूचुकों को चॉकलेटी से लाल कर चुका था तो उसने उनके बदन से सारे कपड़े उतार दिए और अपने हाथों को कोमल जी के पेट से घुमाते हुए उनकी नाभि और उनकी नाभि से उनकी चूत तक ले गया जो कि पूरी तरह गीली हो चुकी थी.

विवेक उनकी गद्देदार चूत के होंठों के आस पास धीरे धीरे से अपनी उंगली को घुमाने लगा. फिर जिस तरह वो अपनी उंगली को उनकी चूत तक लाया था, उसी तरह अपने मुंह को उनकी नाभि को चूमते हुए उनकी चिकनी चूत पर ले गया. अब विवेक उनकी चूत के होंठों को अपने होंठों में लेकर रसपान करने लगा. Stranger chudai kahani
कोमल जी की हालत ऐसी हो रही थी जैसे किसी मछली को पानी से बाहर निकाल दिया हो.
विवेक अपनी नाक से उनकी चूत के दाने को छेड़ रहा था और अपनी जीभ को उनकी चूत में जितनी अन्दर तक हो सकता था, घुसेड़ रहा था. antarvasna hindi

थोड़ी देर बाद वो झड़ गईं और खड़ी हो गईं. कोमल जी के खड़े होने पर उनकी टाँगें काँप रही थीं. तभी विवेक ने अपनी पैन्ट उतार दी और करीब 7 इंच का तूफानी लंड उनके सामने आ गया.
खड़ा और बड़ा लंड देख कर कोमल जी थोड़ा ठिठक गईं, तो विवेक बोला- क्या हुआ?
तो कोमल जी बोलीं- बहुत बड़ा है… जरा धीरे धीरे करना. Stranger chudai kahani
विवेक ने कहा- डर गईं क्या?

तो वो थोड़ी शर्मा गईं और अपने घुटनों पर बैठकर विवेक से कुछ बातें करती हुईं उसके लंड को आगे पीछे करने लगीं. उन्होंने लंड के सुपारे को थोड़ा खोला और अपने मुंह से चूसने लगीं. उधर उनकी इस हरकत से विवेक का बुरा हाल हो चुका था. hindi gay sex stories

इधर वो पूरे लंड को अपने मुंह में लेने की कोशिश कर रही थीं, पर लंड थोड़ा बड़ा था. जब विवेक को लगा कि उसका हथियार तैयार है तो उसने कोमल जी को मोर्चा सम्भालने को कहा. वो बेड पर सीधी लेट गईं. विवेक ने उनका एक पैर अपने कंधे पर रखा और अपने लंड को उनकी रसीली चूत के द्वार पर लगा कर धीरे धीरे अन्दर सरकाने लगा.
‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ निहारिका के मुख से निकला. या आनन्द और दर्द मिश्रित आह थी. शुरूआत में थोड़ी थोड़ी तकलीफ दोनों को हुई क्योंकि लंड बड़ा और चूत टाइट थी.

कुछ ही देर में विवेक ने अपना पूरा लंड कोमल की चूत में घुसा दिया और हल्के हल्के धक्के मारने लगा. दोनों के मुख से आनन्द भारी सीत्कारें निकल रही थी.
लेकिन थोड़ी ही देर बाद नजारा बदल गया था. विवेक ने कोमल की चूत में दनादन धक्कों की बौछार कर दी. वो भी चूत और चूतड़ उछाल उछाल कर लंड का मजा लेने लगीं. असुविधा होने पर दोनों पोजीशन बदल देते और थोड़ा रुक रुक कर चोदने से काफी लंबे चले. Stranger chudai kahani

कुछ देर में दोनों स्खलित हो कर लेट गए. विवेक कोमल के वक्ष पर ही गिर गया था. कुछ देर तो कोमल विवेक का भार सहती रही लेकिन फिर उसने विवेक को हटने के लिए कहा. विवेक हटा तो कोमल की चुत में से विवेक का वीर्य बाहर बहने लगा. कोमल नंगी ही उठी और अलमारी से दो छोटे तौलिये निकाले, एक विवेक को दिया और दूसरे से अपनी चूत पौंछने लगी. Stranger chudai kahani

कोमल बोली- यार हमने अनप्रोटेक्टेड सेक्स कर लिया. अब मुझे गोली खानी पड़ेगी.
विवेक सिर्फ मुस्कुरा कर रहा गया और उसने कोमल को पुनः अपनी बांहों में ले लिया. दोनों अगल बगल लेट कर बातें करने लगे. उसने बताया कि उसके पति बहुत अच्छे हैं, लेकिन अब जॉब के कारण उन्हें बाहर रहना पड़ा रहा है.
तो मुझे समझ आया कि मैंने कोमल को नहीं पटाया बल्कि कोमल ने अपनी कामुकता की संतुष्टि के लिए मुझे साधन बनाया है. चलो मुझे क्या… खरबूजा चाकू पर गिरे या चाकू खरबूजे पर… कटेगा तो खरबूजा ही… मुझे तो एक बढ़िया मजेदार साफ़ सुथरी चूत मिल ही गई चोदने को! hindi audio sex story

कोमल ने विवेक से एक वादा लिया कि ये सब बातें प्राइवेट होंगी और तुम मेरे घर आते रहोगे. उसने मुझे कहा- तुम मुझे फोन मत करना कभी, या तो हम बस में बात कर सकते हैं या फिर मैं तुम्हे फोन कर लिया करूंगी जरूरत होने पर.
इसके बाद वो मुझे दो बार अपने घर बुला चुकी है. Stranger chudai kahani

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